मधुमक्खियों और फूलों में पारस्परिक संबंध

मधुमक्खियों और फूलों में पारस्परिक संबंध भी हैं. मधुमक्खियों भोजन (रस एवम पराग) की शोधमें एक फूल से दुसरे फुल के बीच यात्रा करती हे। इसी दोरान एक फूल से दुसरे फुल पर पराग ले आती हे। जिसके परिणामस्वरूप परागण (पोलिनेशन) होता है।

मधुमक्खिया और फुल

मधुमक्खियों और फूलों में पारस्परिक संबंध समजने के लिये परगनयन को समजना आवसयक हे।पराग का फूलों के पुरकेसर से स्त्रीकेसर पर स्थानांतरित होने की प्रक्रियाको परागण कहते हे।

पौधों सहित हर जीवित प्राणी का लक्ष्य, अगली पीढ़ी के लिए वंश बनाना है। पौधों में उनके बीज उनके संतान होते है। नयी संतान पैदा करने के लिए बीज में आनुवांशिक जानकारी होती है।

फूल पौधों के प्रजनन अंग हैं।

एक ही प्रजाति के फूलों के बीच पराग की तब्दील होने पर ही बीजों का उत्पादन किया जा सकता है, परागण प्रक्रिया अन्य प्रजातियों के सदस्यों के साथ नहीं होती हैं।

परागण की क्रिया उचित पराग को उचित समय पर, निश्चित स्थान पर, पहोचानी की कहानी है।

अब सवाल यह है कि पराग को एक फूल से दूसरे फूल पर कैसे स्थानांतरित करे?

पराग को स्थानांतरित करने के लिए फूलों को वैक्टर पर निर्भर होना पड़ता हे। इन वैक्टरों में हवा, पानी, पक्षियों, मधुमक्खिया, तितलियों, चमगादड़ और अन्य जानवर शामिल हैं, जो फूलों पर जाते हैं। जानवरों या कीड़े जो एक फूल से दूसरे फूल पर पराग स्थानांतरित करते हैं उन्हें पोलिनेटर के रूप में जाना जाता है।

अब दूसरा सवाल यह है कि पोलिनेटर फूलों पर क्यों आते हैं?

परागण (पोलिनेशन) कोई जानबूझकर किये जानेवाला व्यवहार नहीं है, लेकिन एक आकस्मिक रूप से कीट द्वारा किया जाता है क्योंकि वे फूलों से भोजन एकत्र करते हैं।

कीट और अन्य प्राणी पोलिनेटर ने ऊर्जा संपन्न मधू और/ या प्रोटीन युक्त पराग के रूप में भोजन प्राप्त करने की लालसा में, फूलों की यात्रा करते हे और बदले में फूलों को एक फूल से दूसरे फुल तक पराग ले जाने की सेवाएं प्राप्त होती हैं।

भोजन पोलिनेटर को आकर्षित करने के लिए पर्याप्त प्रलोभन होता है, फिर भी फूलोंकी पत्ती के आकार, खुश्बू और रंगों के संयोजन का उपयोग करके पोलिनेटर को आकर्षित करते हैं।

परागण दो प्रकारके होते हैं।

सेल्फ पोलिनेशन और क्रोस पोलिनेशन

सेल्फ पोलिनेशन

यदि पराग का स्थानांतरण एक ही फुल में होता है या एक ही पौधेके दुसरे फुलमें होता हे, तो इसे स्व-परागण(सेल्फ पोलिनेशन) कहा जाता है. कीट पोलिनेटर की गैर्मोजुदगी में भी यह पौधे प्रजनन कर सकते हे. हालांकि, स्व-परागण प्रजनन आनुवंशिक विविधता कम कर देता है।

क्रोस पोलिनेशन को बढ़ावा देने और आनुवंशिक विविधता को बढ़ाने के लिए, पोलिनेटरको आकर्षित करने के लिए पौधों ने कई प्रकार की यौन रणनीतियों का विकास किया है।

क्रोस पोलिनेशन

यदि पराग का स्थानांतरण एक फुल के पुकेसर से एक ही प्रजाति के विभिन्न पौधों मे होता है, तो इसे क्रोस पोलिनेशन कहा जाता है। क्रोस पोलिनेशन मे मधुमक्खीका योगदान बहुत हि महत्वपूर्ण हे. फलो मे उत्पादन में सबसे अच्छी प्राप्ति की लिये मधुमखि पालन का योगदान महतवपूर्ण हे।

संपर्क