मधुमखी का महत्व

इतिहास में मधुमखी का महत्व

मधुमक्खी कोई सामान्य कीट नहीं है, बल्कि असाधारण कीट हे। मधुमक्खी एक सबसे आकर्षक और अद्भुत कीट है। जिसकी उपयोगिता प्रागैतिहासिक काल से मानव जानता है।

इंसाने पहेली बार शायद ९००० हजार साल पहले मधुमक्खी के छतेसे शहद प्राप्त किया हो। उस समय ये पहेला एसा उद्योग रहा होगा जो मीठे शहद के साथ साथ मोम, पराग और मधुमक्खी विष जेसे उत्पाद देता होगा. इसके उपरांत फसलके उत्पादनमें पोलिनेसन से बढोतरी होती हे। पोलिनेसनसे फसलकी गुणवत्तामें और जैव विविधता बढोतरी होती हे जिसके कारन अच्छा पर्यावरण बनाये रखने में मदद मिलती हे।

दुसरे शब्दों कहे तो पौधोंका परागण करने की क्षमता ही उन्हें इतना महत्वपूर्ण बनाते हैं।

मधुमक्खीया हरयाली बनाये रखनेमें महत्वकी भूमिका निभाते हे। अधिक परागण मतलब अधिक बीज, अधिक युवा पौधों और अंत में अधिक बायोमास जो पक्षी, कीड़े और अन्य जानवरों के लिए भोजन और निवास प्रदान करता हे।

कृषि भलाई के लिए मधुमक्खियां महत्वपूर्ण हैं। वे दर्शाती हे की कुदरत में छोटे प्राणियो का भी बड़ा महत्व हे।

कुछ सूत्रों का कहना है कि प्रत्येक दिन हम जो भोजन का उपभोग करते हैं उसका एक तिहाई भाग मुख्य रूप से मधुमक्खियों और अन्य कीड़े द्वारा किये गए परागण पर निर्भर करता है।

अल्बर्ट आइंस्टीन का अनुमान है कि यदि सभी मधुमक्खियों को नष्ट कर दिया गया, तो मानव सभ्यताभी चार वर्षोंमें नष्ट हो जायेगी।