"हमारे पूर्वजों का सुपर फूड" - इतिहासमें मधुका महत्व

शहद मधुमक्खी द्वारा फूलो के रस में से बना एक मीठा पदार्थ है। पुर्थ्वी मधुमक्खियों का इतिहास मनुष्यों के इतिहास की तुलना में अधिक प्राचीन है|

मध्य भारतके पचमढ़ीमें स्थित महादेव हिल्सकी गुफाओ और स्पेनके वेलेंसियाकी गुफाओ बने चित्र, प्राचीन समयमें शहद की उपयोगिता एवं मनुष्यका शहद के प्रति आकर्षण दिखाते हे|

एरिस्टोटल, केटो, वेहो, पेलेंक्युअस जेसे विद्वानोंने शहद और मधूमक्खियों से संबंधित पुस्तकें लिखी हैं। परमाणुवाद के प्रतिस्थापक और ग्रीसके महान दार्सनिक डिमोकीटस के अनुसार शहद में प्रचुर मात्रामें रोगनाशक शक्ति होती हे।

हिपोक्रेटिस (४६० ईसा पूर्व) और गेलने (२०३-१३० ईसा पूर्व) इन दोनों विद्वानोंने शहद को सर्वरोगनाशक औषध कहा हे| वर्तमान समयमें आधुनिक प्रयोगो ओर वैज्ञानिक अध्ययनो से भी शहदकी रोगनाशक शक्ति और आयुष्य वर्धन शक्ति सिद्ध हुए हे| प्रागवैदिककालीन मिश्र, मेसोपोटेमिया, असेरिया जेसी संस्कृति (सभ्यता) में जी शहदका आहार एवम औषधके रूप में उपयोग होता था|

इजिप्त के निवासी ममीओ के साथ अंतिम यात्रा मेंभी शहद रखते थे। इजिप्त के पिरामिडोंकी शाही कबरोसे में से ३४००० साल पुराना शहद निकाल हे, ये शहद दिखनेमे काला हे किन्तु गुणवतामें सर्व श्रेष्ठ हे| रोमन संस्कृति के खिलाडी शहद का उपयोग तुरंत शक्ति प्राप्त करने के लिए करते थे।

यहां तक ​​कि आयुर्वेदिक ग्रंथों मेंभी यह माना जाता है की “शहद जितना पुराना उतना ही अच्छा” । भारतीय संस्कृति में, शहद को पांच अमृत (पंचामृत ) में स्थानं दिया जाता है। भारत में बच्चे को जन्म के साथ ही शहद दिया जाता हे| भोजन के रूप में शहद को संपूर्ण ऊर्जायुक्त आहार माना जाता हे| आयुर्वेदमें शहद की उपयोगिता का गहरा अध्ययन है| विश्व के सबसे प्राचीन ग्रन्थ एवम हिन्दू धर्म के आधार रूप रुदवेदमें भी शहद की महता का वर्णन हे|

इस्लाम धर्मग्रन्थ कुराने पाक मेंभी शहद के महत्व का वर्णन किया गया है। कुराने शरीफमें सूरेह १६में शहद को सर्वरोगनाशक कहा हे| सुर-ए- नहलमें अल्लाह तआलाने फ़रमाया हे की “तुम्हारे रब ने मधुमक्खियोमें यह बात उतारी हे की पहाड़ो, पेड़ो और मकानों जेसी जगहों पर अपना घर बनाए, हर प्रकारके फूलो में से अपनी रोजी प्राप्त करे और रबने दिखाए रह पर चले, (जेसाकी आप देखते हो) उनके पेटमे से तरह-तरह के रंगो वाला पानी निकालता हे, जिनमे लोगो शिफा (स्वास्थ्य) है| विचारशील लोगो के लिए यह अल्लाह का संकेत है ”

यूनानी सभ्यतामें शहद को मूल्यवान आहार एवम भगवानकी तरफ से भेट माना जाता हे|

बौद्ध धर्ममें मधुपूर्णिमा शहद महत्त्व दर्शाती हे| संसार के लगभग सभी धर्म में शहद की प्रशंसा हुए हे|